Welcome to Milind Prakashan

मिलिन्द प्रकाशन दक्षिण भारत में सम्माननीय प्रकाशक के रूप में जाना पहचाना नाम है ।
पिछले 50 वर्षों से दक्षिण भारत एवं संपूर्ष भारत में हिन्दी के प्रचार प्रसार में व श्रेष्ठ प्रमुख प्रकाशक व पुस्तक विक्रेता के रूप में जाना पहचाना नाम है ।
श्रुतिकांत भारती व विभा भारती मितभाषी, व्यवहार कुशल रहते हुए लगन से कार्यरत हैं ।

Few of his Sayings

रिश्ते अंकुरित होते हैं प्रेम से,
जिंदा रहते हैं संवाद से,
महसूस होते हैं संवेदनाओं से,
जिये जाते हैं दिल से,
मुरझा जाते हैं गलत फहमियों से
और बिखर जाते हैं अंहकार से।

मिलिन्द प्रकाशन, हैदराबाद

दुनिया के लाखों पेड़ गिलहरियों की देन हैं ! वे खुराक के लिए बीज जमीन में छुपा देती है…और फिर जगह भूल जाती है…

अच्छे कर्म करिये और भूल जाईये!
समय आने पर फलेंगे जरूर…

मिलिन्द प्रकाशन, हैदराबाद

ध्यान का अर्थ है
भीतर से मुस्कुराना
और
सेवा का अर्थ है
इस मुस्कुराहट को औरों तक पँहुचाना

इस संसार मे अनेक कलाएं है,
लेकिन इन कलाओं मे सबसे अच्छी कला है, दूसरो के ह्रदय को छू लेना.

मिलिन्द प्रकाशन, हैदराबाद